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अमेरिका और ईरान में फिर तनाव, Strait of Hormuz में जहाजों पर बढ़ा खतरा, 24 घंटे में कैसे पलटा खेल?

 Published : Apr 19, 2026 07:08 am IST,  Updated : Apr 19, 2026 07:31 am IST

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को ईरान की ओर से खोले जाने के बाद मिली राहत 24 घंटे में ही खत्म हो गई। अमेरिका की ओर से ईरानी बंदरगाहों पर लगाई गई नाकाबंदी जारी रखने से खफा होकर ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को फिर से बंद करने का ऐलान कर दिया।

Strait of Hormuz- India TV Hindi
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज Image Source : AP

Strait of Hormuz को लेकर अमेरिका और ईरान के बीच जहां तनाव एक बार फिर बढ़ गया है वहीं इस रास्ते से होकर गुजरनेवाले जहाजों पर भी खतरा बढ़ गया है।  एक तरह जहां पहले यह उम्मीद जगी थी कि रास्ता पूरी तरह खुल जाएगा, वहीं अब फिर से तनाव और टकराव के हालात बन गए हैं। पिछले 24 घंटे में दुनिया के सबसे व्यस्त समुद्री मार्गों में से एक स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में तेजी से हालात बदले हैं। शनिवार को ईरान की ओर से दो भारतीय जहाजों पर गोलीबारी भी की गई जिसके चलते उन्हें वापस लौटना पड़ा।

खुलने के तुरंत बाद क्यों बंद हुआ होर्मुज?

ईरान के बंदरगाहों पर अमेरिकी नाकाबंदी के बाद जब ईरान की ओर से स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को पूरी तरह से खोलने की घोषणा की गई तो पूरी दुनिया ने राहत की सांस ली। ईरान ने कहा था कि स्ट्रेट  ऑफ होर्मुज पूरी तरह से खुला है। नतीजा ये हुआ कि तेल की कीमतों में भी गिरावट दर्ज की गई और इस क्षेत्र में फंसे जहाजों ने भी राहत महसूस की। लेकिन यह राहत ज्यादा देर टिक नहीं पाई। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने साफ कर दिया कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में अमेरिका की नाकाबंदी ईरान के साथ 100 प्रतिशत डील पूरी होने के बाद ही खत्म होगी। 

ईरानी गनबोट ने भारतीय जहाजों पर की फायरिंग

डोनाल्ड ट्रंप के इस बयान से एक बार फिर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर शंका के बादल मंडराने लगे। ट्रंप के बयान के कुछ ही घंटों बाद ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) ने ऐलान किया कि हॉर्मुज़ को फिर से ब्लॉक कर दिया गया है। उन्होंने चेतावनी दी कि इस क्षेत्र में आने वाले जहाजों को  दुश्मन के साथ सहयोग माना जाएगा और उन पर हमला किया जा सकता है। इतना ही नहीं इसी दौरान स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजर रहे दो भारतीय जहाजों को वापस लौटने पर मजबूर कर दिया। इन पर फायरिंग भी की गई। इस घटना के बाद दिल्ली स्थित ईरान के राजदूत को भी विदेश मंत्रालय ने तलब किया।

मुज्तबा का भी बयान आया सामने

जहाजों पर फायरिंग में ईरानी गनबोट्स की भूमिका बताई जा रही है। ईरान ने साफ कर दिया है कि जब तक अमेरिका की नाकेबंदी जारी रहेगी, तब तक इस रास्ते से व्यापारिक जहाजों की आवाजाही सीमित रहेगी। ईरान के नए सर्वोच्च नेता, अयातुल्ला मुज्तबा खामेनेई ने शनिवार को चुनौती भरे बयान जारी करते हुए कहा कि नौसेना "अपने दुश्मनों को करारी शिकस्त देने के लिए तैयार है।"

21 अप्रैल को खत्म होनेवाला है सीजफायर

दोनों देशों के बीच सबसे बड़ा विवाद ईरान के परमाणु कार्यक्रम और एनरिच्ड यूरेनियम भंडार को लेकर बना हुआ है। ट्रंप ने कहा था कि अमेरिका ईरान के एनरिच्ड यूरोनियम को अपने कब्जे में लेगा। वहीं दोनों देशों के बीच सीज़फायर 21 अप्रैल को समाप्त होने वाला है और ट्रंप ने संकेत दिया है कि इसे बढ़ाया भी नहीं जा सकता। उधर, सूत्रों के मुताबिक सोमवार को इस्लामाबाद में दोनों पक्षों के बीच दूसरे दौर की बातचीत हो सकती है।

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